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Ashoka The Great Quotes in Hindi-सम्राटअशोक के प्रसिद्द कथन

अशोक महान / Ashoka The Great को भारत के महानतम सम्राटों में गिना जाता है। वे मौर्य राजवंश के एक भारतीय सम्राट थे, जिन्होने भारतिय उपमहाद्वीप पर राजकल ईस्वीं सन 273-232 तक राज किया वी भारत के महान शक्तिशाली समृद्धि सम्राटों में से एक थे। सम्राट अशोक को उनके बड़े साम्राज्य का कुशल प्रशासन करने तथा बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए विशेष तौर पर जाना जाता है. इनके ज़माने का प्रतीक ‘अशोक चिह्न’ आज भारत का राष्ट्रीय चिन्ह है। इस आर्टिकल में हम महान सम्राट अशोक के अनमोल कथन और विचार लेकर आये हैं।

मेरी हद के बारे में लोग जो समझते हैं, लेकिन वो ये नहीं समझते कि मेरी इच्छा की पूरी हद क्या हैं.-अशोक-Ashoka 

अन्य सम्प्रदायों की निंदा करना निषेध है; सच्चा आस्तिक उन सम्प्रदायों में जो कुछ भी सम्मान देने योग्य है उसे सम्मान देता है।.-अशोक-Ashoka 

मैंने कुछ जानवरों और कई अन्य प्राणियों को मारने के खिलाफ कानून लागू किया है, लेकिन लोगों के बीच धर्म की सबसे बड़ी प्रगति जीवित प्राणियों को चोट न पहुंचाने और उन्हें मारने से बचने का उपदेश देने से आती है।-अशोक-Ashoka 

सभी इन्सान मेरे बच्चे हैं। जो मैं अपने बच्चों के लिए चाहता हूँ, मैं इस दुनिया में और इसके बाद भी उनका भला और ख़ुशी चाहता हूँ, वहीँ मैं हर इंसान के लिए चाहता हूँ। आप नहीं समझते हैं कि किस हद तक मैं ऐसा चाहता हूँ, और अगर कुछ लोग समझते हैं, तो वे ये नहीं समझते कि मेरी इस इच्छा की पूरी हद क्या है।-अशोक-Ashoka 

हर धर्म में प्रेम, करुणा, और भलाई का पोषक कोर है। बाहरी खोल में अंतर है, लेकिन भीतरी सार को महत्त्व दीजिये और कोई विवाद नहीं होगा। किसी चीज को दोष मत दीजिये, हर धर्म के सार को महत्त्व दीजिये और तब वास्तविक शांति और सद्भाव आएगा। -अशोक-Ashoka 

किसी को सिर्फ अपने धर्म का सम्मान और दूसरों के धर्म की निंदा नहीं करनी चाहिए।-अशोक-Ashoka 

विभिन्न कारणों से अन्य धर्मों का सम्मान करना चाहिए। ऐसा करने से आप अपने धर्म को विकसित करने में मदद करते हैं और दुसरे धर्मों को भी सेवा प्रदान करते हैं। -अशोक-Ashoka 

चलिए हम सब सुनते हैं, और दूसरों के द्वारा बताये गए सिद्धांतों को सुनने के लिए तैयार रहते हैं।-अशोक-Ashoka

सबसे महान जीत प्रेम की होती है, ये हमेशा के लिए दिल जीत लेती है।-अशोक-Ashoka 

वह जो अपने सम्प्रदाय की महिमा बढाने के इरादे से उसका आदर करता है और दूसरों के संप्रदाय को नीचा दिखाता है, ऐसे कृत्यों से वह अपने ही सम्प्रदाय को गंभीर चोट पहुंचता है।-अशोक-Ashoka 

माता-पिता का सम्मान किया जाना चाहिए और बड़ों का भी, जीवित प्राणियों के प्रति दयालुता को मजबूत किया जाना चाहिए और सत्य बोला जाना चाहिए।
-अशोक-Ashoka 

आप सभी मेरे बच्चे हैं, मैं इस दुनिया में और मरने के बाद भी हद से ज्यादा आपका भला, और ख़ुशी चाहता हूँ.-अशोक-Ashoka 

जानवरों और अन्य प्राणियों को मारने वालो के लिए किसी भी धर्म में कोई स्थान नहीं हैं.-अशोक-Ashoka 

न कार्य जो हमें स्वर्ग कि और ले जाते हैं, “माता-पिता का सम्मान, सभी जीवो पर दया, और सत्य वचन”.-अशोक-Ashoka 

एक राजा से उसकी प्रजा की पहचान होती हैं.
-अशोक-Ashoka